Friday, July 31, 2020

62 साल में आंगनवाड़ी की छंटनी का आदेश वापस नही हुआ तो, कोर्ट से विधानसभा तक और संसद से सड़क तक आन्दोलन होगा


सरकार ने 62 वर्ष में निकालने का आदेश वापस ना लिया तो कोर्ट का सहारा लेना होगा





 

62 वर्ष की workers को सेवा से अलग करने के विरोध में महिला आंगनवाड़ी संघ के अध्यक्ष और आंगनवाड़ी कर्मचारी यूनियन की अध्यक्ष ने पत्र लिखकर इस आदेश को वापस लेने की मांग की है.

 

संयुक्त मोर्चे के अध्यक्ष, तथा महिला आंगनवाड़ी संघ के अध्यक्ष गिरीश कुमार पांडे ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर गरिमा यादव विशेष सचिव बाल विकास एवं पुष्टाहार के आदेश को निरस्त करने की मांग कि है. 30 जुलाई को लिखे पत्र में उन्होंने लिखा है कि इस आदेश पर माननीय उच्च न्यायालय में सुनवाई चल रही है इसलिए यह आदेश  न्यायालय की अवमानना भी है। माननीय उच्च न्यायालय में रिट संख्या 9/13 अभी तक लंबित है, इसलिए इस पर कोई निर्णय नहीं लिया जा सकता. गिरीश कुमार पांडे ने मुख्यमंत्री से कोरोना आपातकाल के दौर में कोरोना वॉरियर को राहत प्रदान करने की बजाय उन्हें उत्पीड़ित करके कोरोना की लड़ाई को कमजोर करने और सरकार को बदनाम करने वाले अफसरों पर कार्यवाही करने की भी मांग की.

संयुक्त मोर्चे की संयोजक, और आंगनवाड़ी कर्मचारी यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष वीना गुप्ता ने बताया कि यदि 10 दिन के अन्दर सरकार ने ये आदेश वापस नही लिया तो, महिला आंगनवाड़ी और आंगनवाड़ी कर्मचारी यूनियन दोनों कोर्ट का रास्ता भी अपनाएंगे और आन्दोलन को तेज़ किया जायेगा. श्रम संगठनों ने कोर्ट से लेकर सड़कों तक संघर्ष के लिए कमर कस ली है, आने वाले दिनों में संघर्ष और तेज़ होगा. सरकार लोक डाउन का फायदा उठाकर एक के बाद एक दमन का कदम उठा रही है,इसलिए लॉक डाउन होते हुए भी who के निर्देशों का पालन करते हुए  संघर्ष भी तेज़ किया जायेगा .

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