आंगनवाड़ी

वर्कर हेल्पर एकता जिंदाबाद !   पंजीकरण संख्या 9112/2002       इन्किलाब जिंदाबाद !!
आंगनवाड़ी कर्मचारी यूनियन, उत्तर प्रदेश
राज्य कार्यालयः10 विधानसभा मार्ग, लखनऊ (उ0प्र0) फोन : 0522 2610459, फैक्सः 2614736

  सम्बद्ध ; आल इंडिया फेडरेशन ऑफ आंगनवाड़ी वर्कर व हेल्पर (आईफा)] नई दिल्ली एवं~ सीटू

         निदेशक icds को  ज्ञापन 62 वर्ष की वर्कर की छंटनी को रोका जाए. 


क्रमांक     54/org/20                                                             दिनांक july 15, 2020 

सेवा में
निदेशक
महिला एवं बाल विकास विभाग
इंदिरा भवन, लखनऊ, उत्तर प्रदेश

विषय : 62 वर्ष की वर्कर व हेल्पर की छंटनी करने के सितंबर, 2012 के अवैधानिक आदेश को निरस्त करने तथा हटाई गई सभी वर्कर्स हेल्पर्स की सेवाएं जारी रखने का विनम्र अनुरोध.

महोदया
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सितंबर 2012 के आदेश का हवाला देते हुए प्रदेश के कुछ जिलों में मानदेय सेवाओं से पृथक करने का आदेश दिया जा रहा हैइस संबंध में मैं कुछ तथ्य आपके सामने रखना चाहती हूं

1 ) 
किसी भी शासनादेश का प्रभाव भूतलक्षी नहीं होता है। यह आदेश 4 सितंबर 2012 को आया था तब से अब तक इस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई ।यह शासनादेश नई नियुक्तियों पर अर्थात 2020 में जो नियुक्तियां होंगी उन पर ही लागू होगा, पूर्व में नियुक्त आंगनवाड़ी वर्कर व हेल्पर पर नहीं।किसी भी शासनदेश का भूतलक्षी क्रियान्वयन विशेष परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कैबिनेट के सुझाव पर माननीय गवर्नर द्वारा ही किया जा सकता है, जैसा कि इस मामले में नहीं है।

2) सितम्बर 2012 के जिस शासनादेश के आधार पर इनको निकाला जा रहा  है उसको माननीय उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने विधि विरुद्ध मानते हुए खारिज कर दिया था।

3)  आपको पुनः याद दिला दूं कि सर्वोच्च न्यायालय में एसएलपी सिविल सूट 2569/2014 में उत्तर प्रदेश सरकार ने हलफनामा दाखिल करके मानदेय सेवा समाप्ति की उम्र 65 वर्ष बताई है।

उपरोक्त तथ्यों के आधार पर ये आदेश विधि विरुद्ध है. मैं आपसे अनुरोध करती हूं कि इसे तत्काल वापस लेने और निरस्त करने की कृपा करें। इस आदेश के कारण जिलों में आतंक, डर और भ्रष्टाचार का वातावरण व्याप्त है। जिन जनपदों में इन्हें हटाने के लिए पात्र दे दिए गए हैं, उन्हें पुन: बहाल किया जाए.

महोदया,आप आईसीडीएस की प्रदेश की वरिष्ठ अधिकारी हैं और राज्य सरकार की प्रतिनिधि है । आपसे उम्मीद है कि आप विधि  और  नैसर्गिक न्याय के नियमों का पालन करते हुए इस आदेश को निरस्त करेंगी.                                                                                                                                       धन्यवाद                                                    
      प्रतिलिपि                                           भवदीय
  1. प्रिंसिपल सेक्रेटरी, उत्तर प्रदेश शासन                 
  2. डीपीओ, सभी जनपद उत्तर प्रदेश                       (डॉ वीना गुप्ता)
  3. जिलाधिकारी, सभी जनपद उत्तर प्रदेश                                   प्रदेश अध्यक्ष                                     
                                                                                          Mobile no.  9453022707                                                                                    

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