Friday, July 17, 2020

वर्ल्ड इमोजी डे /World Emoji Day : अरुणिमा प्रियदर्शिनी


               

    World Emoji Day 2014 से हर साल मनाया जाता है और 17 जुलाई 2015 को यह ट्विटर के टॉप 

    ट्रेंडिंग में भी रहा।  आज  इस डिजिटल प्रतीक/ डिजिटल आइकॉन का ग्लोबल सेलिब्रेशन मनाया जा रहा             है. इमोजी की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए वर्ष 2014 से हर साल 17 जुलाई को वर्ल्ड इमोजी डे मनाया             जाता है. इसे जापानी एक्सप्रेशन भी कहते हैं.

        इमोजी की लोकप्रियता को देखते हुए जेरेमी बर्ग (Jeremy Burge) ने विकीपीडिया की                  तरह इमोजीपीडिया की शुरुवात की।इमोजी का मतलब समझने के लिए इमोजीपीडिया को बनाया     गया है।जेरेमी बर्ग ने ही 17 जुलाई 2014 को पहली बार “World Emoji Day” मनाने के फैसला     किया। तभी से हर साल 17 जुलाई को World Emoji Day मनाया जाता है।

    जेरेमी बर्ग यूनिकोड कमेटी के सदस्य भी हैं।यूनिकोड स्टैंडर्ड लिस्ट के मुताबिक इस समय 2666         इमोजी मौजूद हैं।

    शब्दों के ज़रिए अपना गुस्सा, प्यार, खुशी या दुख को ज़ाहिर करना पिछले दिनों की बातें हो गई हैं. इमोजी से        लौग अपनी भावनाओं  को  बेहतर तरह से एक्सप्रेस कर सकते हैं. अगर आप शब्दोंमें अपनी बात नहीं कह पा     रहे तो  तो यह एक अच्छा तरीका है जिसके ज़रिए आप अपने  इमोशन साझा कर सकते हैं।

    आज इमोजी के विकास पर एक पूरा लेख अभी कुछ देर में आपके साथ शेयर करुँगी, पर पहले कुछ ख़ास             शब्दों को समझ लें .

    आज के लेख में इमोटिकॉन से स्माइली, स्माइली से इमोजी के सफ़र पर बात करेंगे. पर पहले   कुछ मुख्य शब्दों के अर्थ समझ लें -

1.   इमोटिकॉन/  Emoticon  को आम तौर से कीपेड का इस्तेमाल करके इस तरह  : -) बनाया जा सकता था., क्यों कि अगर इसे : -)  90 डिग्री पर घुमा कर देखें तो ये एक मुस्कुराता चेहरा दिखाई देगा. कुछ साल पहले आपने ज़रूर ऐसे चेहरे और प्रतीक ज़रूर देखे होंगे.

   इमोजी से पहले इमोटिकॉन्स (Emoticons) का इस्तेमाल किया जाता था।Emoticons ( Emotion और icons) इसका प्रयोग भी शब्दों के बदले किया जाता था।इमोटिकॉन्स के जरिये भी लोग अपनी भावनाएँ को दूसरों तक पहुंचाते थे। इमोटिकॉन्स कीबोर्ड में मौजूद नियमित वर्णों  का उपयोग करके तैयार किए जाते हैं. 

:‑(
:(

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:c

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:<

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:-|

 

        :-}

 

:}

:->

:>

 

 

 

 

 

2.     


2.   स्माइली (smiley) हँसते हुए चेहरे को कहते हैं. ये बुनियादी तौर एक एक मुस्कुराते चेहरे के आईडिया को सामने रखता है. आज पीले चेहरे वाली स्माइली सारी दुनिया में बहुत प्रसिद्ध है और अब एक मुस्कुराते चेहरे की जगह अनेकों प्रकार कि भावनाओं को व्यक्त करती स्माइली या चेहरे हमारे सामने हैं. इनके विकास को प्राचीन काल की गुफाओं में मौजूद चित्रांकन में भी देखा जा सकता है. इस स्माइली का डिजाईन,Harvey Ball ने 1963 में बनाया. इमोटिकॉन से स्माइली का विकास हुआ. 

3.     इमोजी/Emoji  : इमोजी एक स्थिर या एनिमेटेड इमेज है, जो भावनाओं,विचारों,या किसी चीज़ को प्रदर्शित करती है और इसका प्रयोग डिजिटल संचार में किया जाता है. ये इमोटिकॉन का विकसित रूप है. इमोटिकॉन में टाइप शब्दों का प्रयोग प्रतीकात्मक रूप से किया जाता है, जबकि इमोजी वास्तविक तस्वीरें कि प्रतीक हैं. मूल रूप से ये शब्द जापानी भाषा से आया है, e माने तस्वीर और मोजी माने करैक्टर या चरित्र,e (, "picture") + moji (文字, "character");

      इमोजी की english भाषा के शब्दों इमोटिकॉन और इमोशन से समानता बिलकुल इत्तफाकन        है, शब्दों के इतिहास के स्तर पर इनका कोई साँझा इतिहास नहीं है. 

    तो आप भी अपनी फेवरेट इमोजी इस्तेमाल करके वर्ल्ड इमोजी डे की शुभकामनायें दीजिये. 




Father of Emoji 

   जापान के शिगेताका कुरीता  ने बनाया था पहली बार इमोजी

आइये आज जानते है कि कैसे और किसने इमोजी कि शुरुआत कि. 1990 में जापान की एक टेलीकॉम कंपनी एनटीटी डोकोमो (NTT Docomo) के कर्मचारी शिगेताका कुरीता ने 25 साल कि उम्र में इस कम्पनी की  मोबाइल इंटरनेट सर्विस के लिए इमोजी का सबसे पहला सेट बनाया थाजिसमें लगभग 176 इमोजी थे थी. 1990 के दशक के आखिर में यानी 1998 या 1999 में रंग-बिरंगे इमोजी का इस्तेमाल शुरू हुआ।

दिलचस्प बात यह है कि फादर ऑफ इमोजी कहे जाने वाले शिगेताका कुरीता न तो इंजीनियर थे और न ही कोई डिजाइनरबल्कि उन्होंने तो अर्थशास्त्र की पढ़ाई की थी. उन्हें इमोजी का आईडिया कैसे सुझा, ये जानना बहुत ही दिलचस्प है. उस समय मोबाइल इंटरनेट से ईमेल सिर्फ 250 शब्दों तक ही भेजा जा सकता था। तब शिगेताका कुरीता ने कम शब्दों में अपनी विचारों को व्यक्त करने के लिए इमोजी को जन्म दिया ताकि किशोर बच्चों को आकर्षित किया जा सके। कुरीता को लगा कि कम शब्दों में अपनी बात कहने के लिए इमोजी सबसे अच्छा तरीका हो सकते हैं। शिगेताका कुरीता ने जापानी कॉमिक्स मंगाआधुनिक जापानी लेखन प्रणाली कांची में इस्तेमाल होने वाले लॉजिस्टिक चीनी पात्रों से इसकी प्रेरणा लेकर ही अपना पहला इमोजी सेट बनाया था।उन्होंने मौसम के चित्रकॉमिक बुक से लाइट बल्ब और टिकलिंग बॉम्ब आदि से भी आइडिया लेकर पहला इमोजी सेट बनायाजिसमें हंसीदुखक्रोधसरप्राइज और कन्फ्यूजन का भाव दर्शाने वाले इमोजी भी शामिल थे। 

इमोजी का सबसे पहले इस्तेमाल यूजर्स ने 1995 में वायरलेस टेलीकम्युनिकेशन उपकरण पेजर में किया। उस समय जापानियों द्वारा इनका इस्तेमाल सबसे ज्यादा किया जाता था। इमोजी जापानी भाषा के दो शब्दों से मिलकर बना हुआ हैं। अगर आज हम World Emoji Day मना रहे हैं तो शिगेताका कुरीता की वजह से।शिगेताका कुरीता को फादर ऑफ इमोजी” कहा जाता है।

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