कोरोना संक्रमण से मृत आंगनवाड़ी को 50 लाख मुआवजा मिलने का प्रदेश का पहला मामला
जिंदगी की कोई कीमत नहीं लगा सकता , ना ही मां कि जगह कोई ले सकता है. लेकिन मुआवजा मिलने से ज़ख्म पर कुछ मरहम ज़रूर लग जाता है. 18 july, उन्नाव जनपद की शहर परियोजना में मो0 कासिफ अली सराय की रहने वाली आंगनवाड़ी वर्कर कामिनी निगम की कोरोना संक्रमण के कारण दुखद मृत्यु हो गयी थी. बीमार होने पर उचित इलाज़ भी नहीं मिल पाया था.
मृत आंगनवाड़ी वर्कर स्व0 कामिनी निगम की मृत्यु पर आंगनवाड़ी संगठनों ने कोरोना सर्वे के दौरान covid से सुरक्षा कवच जैसे मास्क,SANITISER,PPE किट, बहुत मुखर होकर आवाज़ उठाई थी. कोरोना ड्यूटी के दौरान संक्रमण से मृत्यु होने पर आशा वर्कर को 50 लाख मुआवजा देने की घोषणा केंद्र सरकार ने की थी, लेकिन आंगनवाड़ी को मुआवज़े कि घोषणा नहीं कि थी. इस कारण आंगनवाड़ी लगातार इस बीमे से आंगनवाड़ी को भी कवर करने की मांग कर रही थी.


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