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Sunday, March 29, 2020
लॉकडाउन के इस दौर में हेलिकॉप्टर पेरेंट नहीं पॉजिटिव पेरेंट बनें...
24 मार्च को प्रधानमंत्री ने 25 मार्च से 14 अप्रैल तक 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा की लॉकडाउन खुलने के बाद भी सावधानियां तो बरतनी होंगी. आजकल स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय सब कुछ बंद है आप, हम, बच्चे सब घर में हैं. वर्क फ्रॉम होम करने वालों के सामने तो और ज्यादा मुसीबत बच्चों को लगता है माता-पिता उन पर ध्यान नहीं दे रहे कामकाजी मां क्या-क्या देखें घर का काम या घर से काम बच्चे ना स्कूल जा पा रहे हैं ना खेलने ऐसे में उनकी तरफ ध्यान ज्यादा देना जरूरी है. जिस तरह हम सभी परेशान हैं उसी तरह बच्चों के लिए भी यह मुश्किल समय है और सबसे मुश्किल बच्चों को यह समझाना कि क्यों घर से बाहर नहीं जा सकते माता-पिता की जिम्मेदारी है कि वह इस समय का सृजनात्मक यानी क्रिएटिव उपयोग करें तनाव ना महसूस हो घर में बनती जैसा महसूस नहीं होना चाहिए. घर में सीखने का उत्साहजनक माहौल हो ताकि समय का सही उपयोग हो सके आज का वीडियो इसी विषय पर है. समय की योजना बनाएं- आप अपने समय की योजना बनाकर बच्चों के साथ रहे एक से ज्यादा बच्चे हैं तो हर बच्चे को अलग-अलग समय दें उनके साथ कुछ समय बैठे हैं उनसे बात करें बच्चों को क्या पसंद है कौन सा गेम खेलना उन्हें पसंद है जानने की कोशिश करेंबच्चों को कहानी सुनाएं उनके साथ कोई किताब पड़े जिस पर चित्र भी बने हो जो खेल बच्चों को पसंद हो वह खेल बच्चों के साथ खेले बच्चों से चित्र बनवाएं और उन्हें दीवार पर सजाएं बच्चे प्रेरित होंगे बच्चों के साथ गाना गाए संगीत से संबंधित कोई भी खेल खेलने रोजाना बच्चों से कुछ समय डांस करवाए और खुद भी डांस करें ताकि पूरे परिवार की एक साथ एक्सरसाइज यानी कसरत हो जाएगी सबका मन और मूड खिला रहेगा खास तौर से बच्चों का इसका एक फायदा यह भी होगा कि आपके और आपके बच्चे के बीच एक अच्छी बॉन्डिंग भी बढ़ेगी. सकारात्मक बने रहे- यह समय जितना आपके लिए कठिन है उतना ही बच्चों के लिए भी है बच्चों की बात को समझे मैं क्या कहना चाहते हैं बच्चों पर चिल्लाए नहीं उन्हें पीटना भी नहीं है उनके साथ शांति से बात करें उनकी प्रशंसा करें बच्चा ज्यादा देर चुप नहीं दे सकता अगर मैं 15 मिनट में चुप रह जाता है तो बहुत बड़ी बात है इसको माता-पिता को समझना है बच्चों को कोई टास्क दे कुछ छोटे-छोटे काम दे और देखते रहे उनके टास्क में उनकी मदद करें उसके टास्क पूरा होने पर बच्चों की प्रशंसा करेंअपने बच्चे की तुलना वह चाय छोटे बच्चे हों या बड़े किसी दूसरे बच्चों के साथ बिल्कुल ना करें बच्चों को छोटी छोटी जिम्मेदारी वाली काम दें जिससे वे कुछ सीखें बच्चे को प्रेरित करें कि वह यह काम कर सकता है ना कि यह कहे कि तुम नहीं कर सकते तुम्हारे बस का कुछ नहीं है बिल्कुल नहीं कहना है सकारात्मक रहे सकारात्मकता सिखाएं. दैनिक दिनचर्या बनाएं- बच्चों के साथ बैठकर रोजाना अगले दिन का एक शेडूल बनाएं दैनिक दिनचर्या बनाएं और कोशिश करें कि उस पर चलें उसको फॉलो करें बच्चों से भी दैनिक दिनचर्या करवाएं ऐसी दिनचर्या बना है कि बच्चे रोजाना कुछ ना कुछ सीखें मनोरंजन ढंग से गाना गाकर प्रतियोगिता करवा कर सिखाएं याद रखिए आप अपने बच्चों का रोल मॉडल है जैसा आप करेंगे बच्चे भी वैसा ही करेंगे इसलिए बच्चों को आप जो भी सिखाना चाहते हैं जैसे समय की पाबंदी स्वच्छ आदतें सहयोगी भावना साथ व्यवहार दूसरों का सम्मान क्रोध पर नियंत्रण तो आपको भी यह सब अपने व्यवहार में उतारकर बच्चे के सामने दिखाना होगा. बुरा व्यवहार- बुरा या खराब है वार क्या है यह बच्चे को सिखाना है पर पहले हमें अपना भी व्यवहार बदलना है जैसे अगर बच्चे के कपड़े या खिलौने फैले हुए हैं तो उस पर चेक कर यह ना कहें कि क्या फैला रखा है उठाओ सबको अगर आप आराम से बच्चे से कहेंगे कि प्लीज अपने कपड़े या खिलौने उठाकर रख तो याद रख दीजिए इसका एक अलग प्रभाव बचे पर पड़ता है बच्चों के व्यवहार पर ध्यान दें ताकि बुरा व्यवहार पकड़ में आए और आप बच्चे को यह समझाने में मदद करें कि किस तरह का व्यवहार स्वीकार है और किस तरह का नहींबच्चा चाहे छोटा हो या बड़ा उसे ईमानदारी और सच्चाई से जवाब देना आता हो इसे बच्चे को सिखाना है बच्चे से अगर कोई गलती हो गई है तो उसको बताएं कि आपने गलती की है ऐसा नहीं करना चाहिए था ऐसा करने से ऐसा हो गया ना कि आप उसको उसकी गलती पर डांटे हमारे बेटे गलती और गलती से होने वाले परिणामों पर बच्चे से बात करें बच्चेअपनी भावनाओं पर नियंत्रण कर सकें जिम्मेदारी समझ सके आत्म नियंत्रण सीखे इसके लिए आपको बच्चे की मदद करनी है यही सिखाना है. शांत रहे हो तनाव नियंत्रण सीखे- शांत रहें तनाव पर नियंत्रण रखें बच्चे पर बहुत गुस्सा आ रहा हो तो 10 सेकंड के लिए आंखें बंद करें सांस लें और कुछ आराम से बात करें ज्यादा चिंता या तनाव हो रहा है तो 2 मिनट आराम से बैठ जाएं यहां से लगा ले और महसूस करें कि आपको कैसा लग रहा है धेर्य रखे हड़बड़ी किसी भी तरह की जल्दबाजी ना मचाए परिस्थितियों को समझे और थोड़ा ठहराव लायें बच्चों के साथ स्वयं कुछ देर बिल्कुल शांत आंख बंद करके बैठे और सांस के अंदर बाहर जाने को महसूस करें इससे सांस पर नियंत्रण करने के साथ चिंता तनाव को दूर करने में बहुत चमत्कारिक प्रभाव होगा. कोविड 19 कोरोनावायरस के बारे में बात करें- बच्चे छोटे हैं तो उनको खेल खेल में सिखाएं हाथ कैसे धोने हैं फिजिकल डिस्टेंस यानी शारीरिक दूरी क्या होती है हाइजीन क्या बला है शेर यानी सुरक्षा क्या होती है अपनी सुरक्षा हम कैसे कर सकते हैं खेल खेल में बताएं चेहरा नहीं छूना है क्यों नहीं छूना है बार-बार नहीं सुना है ऐसा क्यों घंटे बाद सीखते वक्त क्या करना है रोजाना इन सब के बारे में बच्चों को बताते रहे बच्चा जिसमें माध्यम से समझे उसको बताएं चाय खेल के माध्यम से यह गीत संगीत के माध्यम से लॉकडाउन खत्म होने के बाद भी बच्चों को घर में रहने को ही प्रेरित करना होगा क्योंकि जब तक संक्रमण है और इसकी वैक्सीन नहीं आती बच्चों को घर में ही रहने को प्रेरित करना होगा इसलिए लॉकडाउन के समय में रचनात्मक उपयोग का अभ्यास करें. खुलापन ईमानदारी सच्चाई बच्चा सीखे सकारात्मक माता-पिता बने .
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