होली एक पर्व है एक सेलिब्रेशन है
शरद ऋतु की विदाई का
पतझड़ के जाने का
बसंत के आगमन का
नफरत की विदाई का
नवांकुर के खिलने का
आइए कुदरत के इस जश्न में शामिल हो
आपसी स्नेह को बढ़ाने का
जो जश्न है
हमारे देश भारत की विविधता का
प्रकृति की विविधता का
रंगो की विविधता का और
इस अवसर पर हिंदी के प्रसिद्ध कवि हरिवंश राय बच्चन जी को सम्मान के साथ याद करते हुए उनकी लिखी कुछ पंक्तियां सादर समर्पित है
प्रेम चिरंतन मूल जगत का
वैर घृणा भूले क्षण की
भूल चूक लेनी देनी में
सदा सफलता जीवन की
जो हो गया विराना उसको फिर अपना कर लो
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