भारत सरकार ने सलाह दी है कि अब हमें covid 19 के साथ रहने की आदत डालनी होगी और इसके लिए हमे अपनी आदतों में भी बदलाव करना होगा और जीने के तौर तरीके में बदलाव लाना होगा. कोरोना महामारी का डर तब तक चलेगा जब तक इसकी वैक्सीन नहीं आ जाती हैं और वैक्सीन आने पर भी यह आम आदमी तक कब तक पहुचेगी, कुछ पता नहीं.इसलिए हमें डरने घबराने कि जरुरत नहीं, बल्कि इससे निपटने की तैयारी की ज़रूरत है. संक्रमण से बचने के लिये- 1. 20 सेकेंड तक साबुन सेहाथ धोना है 2. छींक और खांसी आने पर रुमाल या कोहनी का इस्तेमाल करना है 3. 1 मीटर की शारीरिक दूरी बनाकर रखनी है 4. भीड़भाड़ में भी कम से कम 1 मीटर की शारीरिक दूरी बनाकर रखनी है 5. घर से बाहर जब भी निकले मास्क लगाकर ही निकले 6. सांस लेने पर दिक्कत होने पर या कोई भी तकलीफ होने पर बिना डरे डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना है. आजकल क्वॉरेंटाइन शब्द बहुत सुनने को मिल रहा है. क्वॉरेंटाइन इटली भाषा का शब्द है और पहली बार 14 वी सदी में लोग समुद्री यात्राओं पर जब जाते थे तो 40 दिन तक एकांतवास करते थे और जब समुद्री यात्रा से वापस आते थे तब भी अपने घर परिवार और समाज में जाने से पहले 40 दिन तक एकांतवास में रहते थे. इसी को क्वॉरेंटाइन कहा जाता था। आज हम इसका अर्थ एकांतवास या तन्हाई समझ सकते हैं . यदि कोई व्यक्ति कुछ दिन बाद बाहर से आया है, या किसी संक्रमित मरीज़ से मिल कर आया है, तो 14 दिन के लिए उसे घर पर क्वारंटाइन करें. ये कैसे करना है आइये समझे- क्वॉरेंटाइन के समय परिवार वालों को क्या करना है हमारे परिवार के एक सदस्य ने परिवार की सुरक्षा के लिए खुद को एकांतवास/तन्हाई में रखा है,तो परिवार की भी जिम्मेदारी है 1.एकांतवास के लिए एक कमरे की साफ सफाई करके जरूरत की सभी चीजें एक ही बार में उसके अंदर रख दें. 2.अगर शौचालय पूरे परिवार के लिए एक ही है तो क्वॉरेंटाइन किए हुए व्यक्ति के हर इस्तेमाल के बाद शौचालय को साबुन या सर्फ़ के पानी से अच्छे से साफ करें. 3. बुज़ुर्गों और छोटे बच्चों को उसके कमरे से दूर रखें 4. परिवार का एक ही सदस्य क्वॉरेंटाइन व्यक्ति के साथ उचित दूरी मेंटेन करते हुए उसे भोजन आदि दे। 5. दिन में कम से कम 2 बार रोजाना बुखार की जांच करें और उसे कॉपी पर लिख लें 6. रोजाना नोट करें- सूखी खांसी या सांस लेने में दिक्कत तो नहीं है, 7. शरीर में जकड़न या मांसपेशियों में दर्द तो नहीं 8. खाना खाते समय स्वाद अनुभव हो रहा है या नहीं 9. मौसम से ज़्यादा ठंड लग रही है यदि इनमें से कोई कोई भी लक्षण दिखाई दे तो तुरंत क्षेत्र कि आशा, या आंगनवाड़ी, अस्पताल या डॉक्टर से संपर्क करें। इस दौरान जो स्त्री या पुरुष - क्वॉरेंटाइन में है वह क्या करें 1. कमरे के अन्दर ही रहे, भूल कर भी बाहर ना निकले. 2. संभव हो तो अलग शौचालय का प्रयोग करें 3. घर के सभी सदस्यों से दूरी बना कर रहे 4. हाथों को साबुन से हर 2 घंटे बाद धोते रहे 5. हर समय मास्क का प्रयोग करें 6. अपनी थाली गिलास कटोरी तोलिया टूथब्रश अलग रखे, ना किसी ले ना किसी को दे 7. डिस्पोजेबल बर्तन उसे करे, या अपने प्रयोग के बर्तनों और कपड़ों को स्वयं ही साफ करें 8. घर में अगर पालतू जानवर कुत्ता बिल्ली गाय भैंस है तो उनसे भी दूरी बनाकर रखें. 9. एकांतवास में नकारात्मक विचार और निराशा को पास ना आने दें. इस मौके पर आपकुछ नया सीख सकते हैं, किताबें पढ़ें, संगीत का शौक है गाना गाए, वाद्य यंत्रों को बजाएं शायरी करें, कविता कहानी लिखें अपने अनुभव लिखे। अपने समय को खुशी से बीताएं. पड़ोसी और रिश्तेदार, ध्यान रखे कि आपकी ही सुरक्षा के लिए, आपका परिचित क्वॉरेंटाइन, एकांतवास, या तन्हाई में है। इसलिए पड़ोसियों, जान पहचान वालों , रिश्तेदारों की ज़िम्मेदारी है कि परिवार की मदद के लिए हरदम तैयार रहे, उसे दोषी ना माने, परिवार को आलोचनाओं से बचाएं, अकेले में रह रहे वायकती से फोन पर गप-शप, हल्की फुल्की बातें, करे, व्यक्ति का मनोबल बनाए रखे, निराशा की बात बिल्कुल ना करें। आशा और आंगनवाड़ी वर्कर क्वॉरेंटाइन के बारे में परिवार के लोगों को प्रशिक्षित करें, हर दिन उनके घर जाकर उस व्यक्ति के स्वास्थ्य पर नजर रखें, किसी भी तरह का लक्षण होने पर तुरंत पंचायत और स्वास्थ्य अधिकारी को सूचना दें covid 19 से अकेले नहीं लड़ा जा सकता है ये समय है एकजुटता दिखाने का, युवाओं को इसके लिए आगे आना होगा. मोहल्ले के पढ़े लिखे युवा एक टीम बनाकर कोरोना वालंटियर बनें. मोहल्ले में बहार से आने वालों का नाम व् तारिख रजिस्टर में नोट करके क्वॉरेंटाइन में गए इन्सान की निग्राने, व् परिवार की मदद करें. अगर किसी का घर बहुत छोटा है तो मोहल्ले में किसी खाली मकान, सार्वजनिक जगह जैसे पंचायत या कम्युनिटी सेंटर में क्वॉरेंटाइन करें. जगह को सनितिज़े करे. खुद भी और तन्हाई में रह रहे व्यक्ति और उसके परिवार की मदद करे. किसी भी स्थिती में क्वॉरेंटाइन में गए वयकति को बाहर ना निकलने दें. क्वॉरेंटाइन में गए परिबार को अपमान, या बेईज्ज़ती का सामना ना होने दें. यही आज कि सबसे बड़ी समाज सेवा है. अगर आप क्वॉरेंटाइन में गए लौगों की मदद करते हैं, तो अपनी बात हमारे साथ ज़रूर शेयर करे, और कोई जानकारी लेनी हो तो ई मेल पर अपने सवाल भेजें. thelucknowpost1@gmail.com |
मेरे ब्लॉग दी लखनऊ पोस्ट में आपका स्वागत है. दी लखनऊ पोस्ट संस्कृति, साहित्य, समाज, संगीत, शिक्षा, स्वास्थ्य, रैशनल थिंकिंग, पर्यावरण, राष्ट्रीय व् अंतर्राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर विचार विमर्श और सूचना प्रदान करने का मंच है. धन्यवाद अरुणिमा, अपने विचार हमे ईमेल द्वारा भी भेज सकते हैं . हमारा ए मेल पता है thelucknowpost1@gmail.com
Saturday, May 9, 2020
COVID-19 से बचने के लिए होम क्वारंटाइन सीखें
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