लव जिहाद का विचार हिंदू महिलाओं की घोर बेइज्जती
आर एस एस नीत बी जे पी और इनके अनेकों हिन्दू संगठन लव जिहाद को लेकर बड़े चौकन्ने रहते हैं।
लव जिहाद को मोटे तौर पर इस तरह परिभाषित किया जाता है कि मुस्लिम लड़के हिंदू लड़कों जैसे नाम रख के या हिंदू आइडेंटिटी बनाकर हिंदू लड़कियों से मिलकर प्रेम का नाटक करके शादी करते हैं फिर धोखा देते हैं।मुस्लिम लड़कों द्वारा किए गए इस कृत्य को लव जिहाद तथा इस लव जिहाद का नाम दिया जाता है। लव जिहाद के खिलाफ हिंदू लड़कियों को बचाने के लिए लव जिहाद के खिलाफ संघर्ष की जरूरत बताई जा रही है।
अब सवाल बड़ा यह है कि क्या हिंदू लड़कियों को इस बात की पहचान नहीं है कि कौन सही है कौन गलत, कौन उन्हें अपने प्रेम के जाल में फंसा कर धोखा देने का प्लान कर रहा है और कौन सच्चा प्रेम कर रहा है, क्या उन्हें कोई भी मूर्ख बना सकता है और इतना ज़्यादा मूर्ख बना दे कि बात शादी तक की आ जाए। क्या हिंदू माता-पिता यह बात नहीं समझ पा रहे हैं कि यह काल्पनिक खतरा दिखाकर उनकी बेटियों पर ही गलत इल्जाम लगाए जा रहे हैं और इल्जाम लगाने वाले उनके आस पास के जानकार लोग ही हैं।
लव जिहाद के मामले में हिंदू लड़की को इस तरह प्रस्तुत करना कि वह किसी भी लड़के के बरगलाने में आकर उससे शादी को तैयार हो जाएगी यह हिंदू लड़कियों की घोर बेज्जती है और लड़कियों की ही नहीं बल्कि उनके माता-पिता की भी घोर बेज्जती है ।
क्या हिंदू घरों में माता पिता अपनी लड़कियों को सही और गलत की समझ नहीं बताते हैं क्या हिन्दू लड़कियां शिक्षा पाकर भी सही और गलत में भेद नहीं कर पाती है, क्या हिंदू लड़कियां इतनी कमजोर है कि उन्हें हिंदू संगठनों और राजनीतिक दल की मदद की जरूरत पड़े।
यह भी सच है कि समाज में इस तरह के असामाजिक तत्व या धोखेबाज होते हैं जो किसी लड़की को धोखा देकर शादी कर सकते हैं लेकिन वह किसी भी धर्म के हो सकते हैं और किसी भी धर्म की लड़की को धोखा दे सकते हैं ।
क्या दूसरे धर्म की लड़कियां चाहे वह मुस्लिम हो सिख हो इसाई हो बुद्धिस्ट वह इतनी समझदार हैं कि वह प्रेम और धोखे में अंतर कर सकती हैं इसलिए उन्हें किसी प्रोटेक्शन की जरूरत नहीं है।
No comments:
Post a Comment