मैं fake न्यूज़ का पर्दाफाश करने
के लिए इससे पहले भी कई विडियो बना चुकी हूँ. मेरा मकसद है कि fake न्यूज़ के कारण
किसी मासूम व्यक्ति का उत्पीडन और उन पर जुल्म ना हो. लेकिन fake न्यूज़ का ये
सिलसिला रुक ही नहीं रहा.जब तक किसी झूठी खबर कि सच्चाई प्रमाणों के साथ सामने आती
है तब तक हजारों लोग इसे देख और फॉरवर्ड
कर चुके होते हैं. ये कहावत सच होती दिखाई दे रही है कि जब तक सच चप्पल पहनता है,
झूठ आधी दुनिया का चक्कर लगा आता है. हाल ही कि घटना बिजनौर कि है. 21 अप्रैल की सुबह को दो वीडियोज़ सोशल मीडिया पर बहुत ज़्यादा वायरल
हुए. दोनों वीडियो में फल बेचने वाला एक बुज़ुर्ग व्यक्ति दिखाई देता है. उससे कहा
जाता है कि वो बोतल में पेशाब कर रहा था तो वो ये कहकर निकल जाता है कि ‘बेकार की बात मत
करो’. और दूसरे वीडियो में माफ़ी मांगते हुए वो कहता है कि उसे हार्ट की बीमारी है और वह जाने की कोशिश करता है लेकिन
वीडियो बनाने वाला शख़्स बुज़ुर्ग को वहीं खड़े रहने का बोलकर वीडियो रिकॉर्ड करते
हैं. खुद को RSS से जुड़ा बताने वाले रूपेन्द्र सिंह नाम के यूज़र ने इन
दोनों वीडियो को पोस्ट करते हुए लिखा है, “ये मुल्ला बिजनौर
में पेशाब बोतल में करके केलो पर छिड़क रहा था। हिरासत में ले लिया गया है ओर लो
केले इनसे, सावधान
रहें.यह वीडियो हजारों बार शेयर किया जा चुका है. सुदर्शन न्यूज़ के एडिटर इन चीफ़ सुरेश चव्हाण के अलावा भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा ने भी यही वीडियो ट्वीट
किया. दावा किया कि वीडियो में दिखने वाला शख्स बोतल से पेशाब को केले पर छिड़क रहा
था. इन दोनों बातों के आधार पर फेक न्यूज़ का पर्दाफाश करने वाली वेवसाईट ऑल्ट
न्यूज़ ने बिजनौर पुलिस से संपर्क किया. पुलिस ने बताया कि ये वीडियोज़ सर्विलांस टीम को भेजा है, वो जांच कर रहे हैं और मामले की जानकारी मिलते ही
अवगत कराएंगे. कुछ घंटों बाद बिजनौर पुलिस से मेसेज मिला. मेसेज के अनुसार वीडियो
में दिख रहे बुज़ुर्ग का नाम इरफ़ान अहमद है जो सीज़न के अनुसार घूम-घूम कर फल बेचते
हैं. 20 अप्रैल को मोहल्ला बुखारा में फल
बेचने के दौरान उन्हें पेशाब लगी तो वह उसी गली में पेशाब करने लगे. इसके बाद ठेले
पर रखी पानी की बोतल से अपने हाथ धोए तथा केलों पर पानी छिड़का और उसी बोतल से खुद
पानी पिया. इस दौरान एक व्यक्ति ने शोर मचाया कि वो पेशाब करके केलों पर छिड़क रहा
है. वीडियो में व्यक्ति ऐसा कुछ भी करता नहीं दिखता है. पुलिस ने बताया कि पहली
नज़र में ही ये वीडियो अफ़वाह के लिए बनाया गया मालूम पड़ता है. इरफ़ान अहमद को
क्वॉरंटाइन के लिए भेजा गया है. बाकी, वीडियो
सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वाले व्यक्तियों की तलाश की जा रही है. लेकिन
किसी भी फेक वीडियो को देखने पर हमे भी अपने विवेक से कुछ बातों पर गौर करना चाहिए, जैसे एक मोहल्ले में घूम रहे फलवाले पर इतनी निगरानी क्यों ये भी समझिये कि जिस शख्स ने इस
मामले पर पुलिस में जाकर एफ़आईआर लिखवाई है, वो वीडियो नहीं बना
रहा था वो दूसरा हैं . ये वीडियो साम्प्रदायिकता बढ़ाने कि दिशा में ही एक कदम है.
के लिए इससे पहले भी कई विडियो बना चुकी हूँ. मेरा मकसद है कि fake न्यूज़ के कारण
किसी मासूम व्यक्ति का उत्पीडन और उन पर जुल्म ना हो. लेकिन fake न्यूज़ का ये
सिलसिला रुक ही नहीं रहा.जब तक किसी झूठी खबर कि सच्चाई प्रमाणों के साथ सामने आती
है तब तक हजारों लोग इसे देख और फॉरवर्ड
कर चुके होते हैं. ये कहावत सच होती दिखाई दे रही है कि जब तक सच चप्पल पहनता है,
झूठ आधी दुनिया का चक्कर लगा आता है. हाल ही कि घटना बिजनौर कि है. 21 अप्रैल की सुबह को दो वीडियोज़ सोशल मीडिया पर बहुत ज़्यादा वायरल
हुए. दोनों वीडियो में फल बेचने वाला एक बुज़ुर्ग व्यक्ति दिखाई देता है. उससे कहा
जाता है कि वो बोतल में पेशाब कर रहा था तो वो ये कहकर निकल जाता है कि ‘बेकार की बात मत
करो’. और दूसरे वीडियो में माफ़ी मांगते हुए वो कहता है कि उसे हार्ट की बीमारी है और वह जाने की कोशिश करता है लेकिन
वीडियो बनाने वाला शख़्स बुज़ुर्ग को वहीं खड़े रहने का बोलकर वीडियो रिकॉर्ड करते
हैं. खुद को RSS से जुड़ा बताने वाले रूपेन्द्र सिंह नाम के यूज़र ने इन
दोनों वीडियो को पोस्ट करते हुए लिखा है, “ये मुल्ला बिजनौर
में पेशाब बोतल में करके केलो पर छिड़क रहा था। हिरासत में ले लिया गया है ओर लो
केले इनसे, सावधान
रहें.यह वीडियो हजारों बार शेयर किया जा चुका है. सुदर्शन न्यूज़ के एडिटर इन चीफ़ सुरेश चव्हाण के अलावा भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा ने भी यही वीडियो ट्वीट
किया. दावा किया कि वीडियो में दिखने वाला शख्स बोतल से पेशाब को केले पर छिड़क रहा
था. इन दोनों बातों के आधार पर फेक न्यूज़ का पर्दाफाश करने वाली वेवसाईट ऑल्ट
न्यूज़ ने बिजनौर पुलिस से संपर्क किया. पुलिस ने बताया कि ये वीडियोज़ सर्विलांस टीम को भेजा है, वो जांच कर रहे हैं और मामले की जानकारी मिलते ही
अवगत कराएंगे. कुछ घंटों बाद बिजनौर पुलिस से मेसेज मिला. मेसेज के अनुसार वीडियो
में दिख रहे बुज़ुर्ग का नाम इरफ़ान अहमद है जो सीज़न के अनुसार घूम-घूम कर फल बेचते
हैं. 20 अप्रैल को मोहल्ला बुखारा में फल
बेचने के दौरान उन्हें पेशाब लगी तो वह उसी गली में पेशाब करने लगे. इसके बाद ठेले
पर रखी पानी की बोतल से अपने हाथ धोए तथा केलों पर पानी छिड़का और उसी बोतल से खुद
पानी पिया. इस दौरान एक व्यक्ति ने शोर मचाया कि वो पेशाब करके केलों पर छिड़क रहा
है. वीडियो में व्यक्ति ऐसा कुछ भी करता नहीं दिखता है. पुलिस ने बताया कि पहली
नज़र में ही ये वीडियो अफ़वाह के लिए बनाया गया मालूम पड़ता है. इरफ़ान अहमद को
क्वॉरंटाइन के लिए भेजा गया है. बाकी, वीडियो
सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वाले व्यक्तियों की तलाश की जा रही है. लेकिन
किसी भी फेक वीडियो को देखने पर हमे भी अपने विवेक से कुछ बातों पर गौर करना चाहिए, जैसे एक मोहल्ले में घूम रहे फलवाले पर इतनी निगरानी क्यों ये भी समझिये कि जिस शख्स ने इस
मामले पर पुलिस में जाकर एफ़आईआर लिखवाई है, वो वीडियो नहीं बना
रहा था वो दूसरा हैं . ये वीडियो साम्प्रदायिकता बढ़ाने कि दिशा में ही एक कदम है.
No comments:
Post a Comment